आज हम बात करेंगे एक ऐसे स्टॉक की जो इंडिया की renewable energy EPC space में बड़ा नाम है – Sterling & Wilson Renewable Energy Ltd (SWREL)। कंपनी सुर्खियों में है क्योंकि इसे हाल ही में तीन नए EPC orders मिले हैं, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹1,772 करोड़ है।

नए ऑर्डर्स से कंपनी की ग्रोथ कहानी तेज़
SWREL ने बताया कि उसे तीन नए प्रोजेक्ट्स मिले हैं –
- राजस्थान में 363 MWp PV प्रोजेक्ट
- उत्तर प्रदेश में 580 MWp PV प्रोजेक्ट
- और दक्षिण अफ्रीका में 115 MWp प्रोजेक्ट, जिसकी वैल्यू लगभग USD 120 million है।
इन तीनों ऑर्डर्स के साथ कंपनी का FY26 में कुल order inflow ₹3,775 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी के Global CEO, चंद्र किशोर ठाकुर के अनुसार, ये नए ऑर्डर्स कंपनी की भारत में मजबूत पकड़ और दक्षिण अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय मार्केट्स में बढ़ती मौजूदगी को दर्शाते हैं।
शेयर प्राइस में गिरावट, पर long-term outlook पॉज़िटिव
कंपनी का मार्केट कैप अभी ₹5,170.50 करोड़ है, और इसका शेयर ₹221.44 पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले दिन के मुकाबले 2.22% नीचे है।
दिलचस्प बात यह है कि Reliance New Energy Ltd (Reliance Industries की subsidiary) की 32.5% हिस्सेदारी इस कंपनी में है।
कंपनी की ताकत और फाइनेंशियल स्थिति
Sterling & Wilson Renewable Energy Ltd का बिज़नेस मॉडल end-to-end EPC solutions पर आधारित है – यानी डिजाइन से लेकर इंस्टॉलेशन और maintenance तक की पूरी सेवा।
कंपनी का पोर्टफोलियो इस प्रकार है:
| पैरामीटर | डिटेल |
|---|---|
| कुल प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो | 24.4 GWp |
| ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) | 9.1 GWp (थर्ड पार्टी सहित) |
| काम करने वाले देश | 28 (भारत, मिडल ईस्ट, अफ्रीका, यूरोप, एशिया आदि) |
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो:
- ROE: 8.19%
- ROCE: 17%
- Debt-to-equity ratio: 2.61
- P/E ratio: 25.5x (इंडस्ट्री एवरेज 21.8x से ज़्यादा)
रेवेन्यू बढ़ा, पर प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव
कंपनी ने Q2 FY26 में ₹1,749 करोड़ का रेवेन्यू रिपोर्ट किया, जो पिछले साल के मुकाबले 69.8% ज़्यादा है (Q2 FY25 में ₹1,030 करोड़)।
हालांकि, QoQ बेसिस पर रेवेन्यू थोड़ा घटा – Q1 FY26 के ₹1,762 करोड़ से 0.7% कम।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि कंपनी ने इस तिमाही में ₹478 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे ₹9 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था। यानी ग्रोथ तो दिख रही है, पर प्रॉफिटेबिलिटी फिलहाल दबाव में है।
आगे का रास्ता
SWREL के लिए यह साल ऑर्डर्स और एक्सिक्यूशन के लिहाज़ से अहम दिख रहा है। कंपनी के पास अब मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले कुछ क्वार्टर्स में revenue visibility दे सकती है।
हालांकि, उच्च कर्ज़ और घटती प्रॉफिटेबिलिटी जैसी चुनौतियाँ ध्यान में रखनी होंगी।








