स्टॉक मार्केट में “छोटा पैकेट, बड़ा धमाका” वाली कहावत कई बार सच होती है। खासकर जब बात हो किसी छोटे कैप कंपनी की, जो अचानक किसी बड़ी डील से सुर्खियों में आ जाए। ऐसी ही एक दिलचस्प कहानी सामने आई है Hind Rectifiers Limited (HIRECT) की। इंडियन रेलवे से मिले भारी-भरकम ऑर्डर ने इस स्मॉल-कैप सेमीकंडक्टर कंपनी के शेयर को तगड़ी रफ्तार दे दी है।

रेलवे ऑर्डर से आया 10% का झटका
28 जून 2025 को जब Hind Rectifiers ने बताया कि उन्हें ₹127 करोड़ का रेलवे सप्लाई ऑर्डर मिला है, उसके ठीक एक दिन पहले यानी 27 जून को भी कंपनी को ₹101 करोड़ का ऑर्डर मिला था। यानी कुल ₹228 करोड़ के रेलवे ऑर्डर – और वो भी बैक टू बैक!
इस खबर के आते ही शेयर ने उछाल मारी और ₹1,262.70 से सीधे ₹1,388.30 तक पहुंच गया – करीब 9.95% की छलांग! बाद में शेयर थोड़ा ठंडा हुआ और ₹1,289.75 पर ट्रेड कर रहा है। मगर दिलचस्प बात ये है कि ये उछाल सिर्फ खबर भर से नहीं है – इसके पीछे कई मजबूत फंडामेंटल्स भी हैं।
कंपनी क्या करती है?
Hind Rectifiers Limited (HIRECT) की शुरुआत 1958 में हुई थी। ये कंपनी पावर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट और रेलवे ट्रांसपोर्टेशन इक्विपमेंट डिजाइन और मैन्युफैक्चर करती है। इसके क्लाइंट्स सिर्फ रेलवे तक सीमित नहीं हैं, ये डिफेंस, मरीन, एविएशन और पावर सेक्टर में भी अपनी पकड़ रखती है।
कुछ बड़े क्लाइंट्स
| Clients | Sectors |
|---|---|
| Indian Railways | Transportation |
| Indian Oil, ONGC | Energy |
| Tata, Reliance | Industrial |
| NTPC, SAIL | Power |
| Siemens, GE | Engineering |
ऑर्डर बुक में बंपर ग्रोथ
मार्च 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹893 करोड़ तक पहुंच गई है, जो FY24 में ₹534 करोड़ थी। यानी 67% का ग्रोथ। यह बताता है कि कंपनी के प्रोडक्ट्स की मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है।
फाइनेंशियल्स की बात करें तो
| Metrics | Q4 FY24 | Q4 FY25 | Growth |
|---|---|---|---|
| Revenue (₹ Cr) | 151 | 185 | +22.52% |
| Net Profit (₹ Cr) | 5 | 10 | +100% |
| EPS (₹) | – | 21.7 | – |
तीन सालों में कंपनी की CAGR ग्रोथ:
- Revenue CAGR: 20.75%
- Net Profit CAGR: 66.61%
इससे ये साफ है कि Hind Rectifiers सिर्फ रेलवे के भरोसे नहीं टिकी है, बल्कि इसका ग्रोथ ट्रैक रिकॉर्ड भी काफ़ी दमदार है।
रिटर्न रेश्यो भी कर रहे हैं इंप्रेस
- ROCE (Return on Capital Employed): 21.7%
- ROE (Return on Equity): 26.2%
- Debt to Equity: 1.03x यानी थोड़ा कर्ज है लेकिन कंट्रोल में।
इन नंबरों से समझ आता है कि कंपनी प्रॉफिटेबल भी है और एफिशिएंटली रन भी हो रही है।
नामचीन निवेशकों की पसंद
इस स्टॉक में ace इनवेस्टर Mukul Agrawal की भी रुचि है। उनके पास 2.5 लाख शेयर हैं, जो कि कंपनी का लगभग 1.5% हिस्सा है। इसकी वैल्यू करीब ₹32.5 करोड़ है। जब बड़े इनवेस्टर्स किसी स्मॉल-कैप में दिलचस्पी दिखाते हैं, तो उसके पीछे जरूर कुछ खास होता है।
आखिरी शब्द
Hind Rectifiers Limited का मामला हमें एक जरूरी सीख देता है की छोटी कंपनियों में भी बड़ा दम होता है, बस सही वक्त पर नजर होनी चाहिए। इंडियन रेलवे जैसे भरोसेमंद ग्राहक के इतने बड़े ऑर्डर से ये साफ हो जाता है कि कंपनी अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को लेकर कितनी मजबूत है।
अगर आप स्टॉक मार्केट की दुनिया में नए हैं या कैजुअल इनवेस्टर हैं, तो इस तरह की खबरें न सिर्फ जानकारी देती हैं, बल्कि आपको ये भी सिखाती हैं कि कैसे कंपनी की ग्रोथ स्टोरी और फाइनेंशियल स्ट्रेंथ शेयर की चाल पर असर डालती है।









